ग्रामीण कामगार सेतु पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, म.प्र.शासन
हेल्प लाइन नंबर : 0755-2700800

मोबाइल न. की प्रविष्टि करें

प्राप्त ओ.टी.पी. की प्रविष्टि कर मोबाइल न. सत्यापित करें

पंजीयन पूर्ण करें


856697

कुल पंजीकृत

422982

कुल सत्यापित

365748

कुल स्वीकृत

320398

कुल जारी प्रमाणपत्र

योजना के विषय में जानिए

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधीन गठित राज्‍य आजीविका फोरम द्वारा वर्ष 2007 से विभिन्न प्रकार की केंद्र एवं राज्य पोषित आजीविका योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है। जिनमें दीनदयाल अंत्योदय योजना- ग्रामीण आजीविका मिशन, दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना, प्रारम्भिक ग्राम उद्यमिता कार्यक्रम मुख्य मंत्री आर्थिक कल्याण योजना, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना मुख्य हैं |

स्ट्रीट वेंडर (व्यवसायी) ग्रामीण अनौपचारिक अर्थव्यवस्था का अभिन्न अंग है | इनके द्वारा अनेक प्रकार की सामग्री एवं सेवाएँ उचित मूल्य पर ग्रामीण जन को उनके घर तक उपलब्ध कराई जाती है | इन्हे रेहड़ी वाला, साईकिल वाला, ठेले वाला आदि कई प्रकार के नामो से जाना जाता है | इनके द्वारा सामग्री में आइसक्रीम, फल, समोसा/कचोरी , ब्रेड-बिस्किट, मुर्गी-अंडे, कपड़ा, छोटे बर्तन, जुते-चपल, झाड़ू आदि विक्रय किये है | इन व्यवसायी द्वारा ग्रामीण क्षत्र में नाई का कार्य, औजारों का सुधार, आदि की सेवाएं उपलब्ध कराई जाती है |

उद्देश्य

मुख्यमंत्री ग्रामीण स्ट्रीट वेंडर ऋण योजना के तहत प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्र के गरीब वर्ग के प्रवासी श्रमिक/ लघु व्यापारी को कम लागत के उपकरण या कार्यशील पूंजी बैंक के माध्यम से ऋण के रूप में उपलब्धर कराई जायेगी। योजना का लाभ केवल ग्रामीण क्षेत्र के पुराने उद्यमों एवं प्रवासीय श्रमिकों के लिए नवीन उद्यम स्थाापित करने हेतु देय होगा।

ग्रामीण प्रवासी श्रमिकों को नवीन व्यवसाय स्थापना हेतु स्वरोजगार प्रशिक्षिण संस्थान (आरसेटी) के माध्यम से उद्यमिता विकास (ईडीपी) प्रशिक्षिण कराया जाना है |

प्रशिक्षिण उपरान्त व्यवसाय स्थापना हेतु बैंकों से ऋण उपलब्ध कराया जाएगा |

पंजीयन प्रक्रिया

  1. पात्रता आयु : १८ - ५५ वर्ष |
  2. आवेदन हेतु आवश्यक अभिलेख/सामग्री
    1. आधार नंबर
    2. आधार से लिंक मोबाइल नंबर
    3. समग्र नंबर
    4. बैंक खाता क्रमांकए बैक का आईएफएससी कोड
  3. इच्छुक आवेदक स्ट्रीट वेंडर पोर्टल पर "पंजीयन करे" विकल्प से पंजीयन प्रारंभ करें।
  4. मोबाइल नंबर पर ओटीपी प्राप्त करें एवं उसकी प्रविष्टि कर ग्रामीण पथ विक्रता चुनें।
  5. अपना आधार नम्बर प्रविष्ट करें ओैर आधार से लिंक मोबाइल नम्बर पर प्राप्त ओटीपी प्रविष्ट कर स्वयं का सत्यापन करें।
  6. आधार से मोबाइल लिंक नही होने की स्थि‍ति में किसी कियोस्क पर बायोमेट्रिक माध्यम से आधार सत्याापन करा सकते हैं।
  7. आधार सत्यासपन उपरांत समग्र नम्बर की प्रविष्टि करें। समग्र नम्बर सही होने पर परिवार के सदस्यों का विविरण स्वतः आ जाएगा।
  8. परिवार के सदस्यों का समग्र से प्राप्त विवरण में उन सदस्‍यों को चुनें जो आपके व्यवसाय में सहयोग करते हैं।
  9. आपने वांछित व्यएवसाय के बारे में अन्य जानकारी प्रदान करें और भरी हुई जानकारी सबमिट करें।
  10. घोषणा के बिन्दुओ को चेक करें एवं अपना आवेदन सबमिट करें।
  11. आवेदन सबमिट करने के बाद पावती प्राप्त होगी जिसे प्रिंट कर/स्क्रीनशॉट लेकर सुरक्षित रखें। सा‍थ ही आपके मोबाइल पर आवेंदन क्रमांक सहित पावती के रूप में प्राप्त् होगा।
  12. आपके द्वारा प्रस्तुरत आवेदन का संबधित ग्रामीण विकास विभाग द्वारा सत्या्पन कराया जाएगा। जानकारी सही प्राप्ता हो जाने पर आपको परिचय पत्र एवं प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा।
  13. सत्यापन के दौरान विसंगति जाने पर सुधार का एक अवसर दिया जाएगा। जिसकी सूचना SMS से दी जाएगी। त्रटि सुधार के लिए पोर्टल पर "अपडेट करे" विकल्प की सहायता से मोबाइल नंबर ओटीपी प्रविष्ट कर आवश्यक संशोधन करें।
  14. पथ विक्रेता के रूप में पहचान पत्र एवं प्रमाण पत्र जारी किए जाने की सूचना SMS के माध्यरम से भी दी जाएगी एवं दोनों अभिलेखों का लिंक भी भेजा जाएगा जिससे पथ विक्रेता स्व्यं डाउनलोड कर सकेंगे।